मुर्रा भैंस पर ₹40,000 और देशी गाय पर ₹25,000 तक! हरियाणा सरकार की पूरी योजना योजना 2026-27
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किसान भाइयों के लिए सरल भाषा में सम्पूर्ण गाइड
एक लाइन में समझें: अगर आपके पास अच्छी नस्ल की मुर्रा भैंस या हरियाणा/साहीवाल/बेलाही गाय है, तो हरियाणा सरकार आपको ₹5,000 से ₹40,000 तक सीधे आपके बैंक खाते में देगी। बस पशु को दूध टेस्ट में पास करना होगा। अधिकतम इनाम ₹40,000।
यह योजना क्या है?
हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय विभाग ने यह स्कीम शुरू की है ताकि अच्छी नस्ल के देसी पशु खासकर मुर्रा भैंस, हरियाणा गाय, साहीवाल और बेलाही गाय की नस्ल बचाई जा सके और दूध उत्पादन बढ़ाया जा सके।
पहले होता क्या था। अच्छी मुर्रा भैंसें दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों के डेरियों को बेच दी जाती थीं, इससे हरियाणा का बेहतरीन पशु-धन बाहर चला जाता था। इस योजना से किसान को पैसे मिलेंगे और वो पशु रोकेगा/रखेगा ।

कितना पैसा मिलेगा?
पैसा इस बात पर निर्भर करता है कि आपका पशु एक दिन में कितना दूध देता है
मुर्रा भैंस (Murrah Buffalo)
| रोज़ाना दूध (Peak Yield) | इनाम राशि |
| 18 से 22 किलो | ₹20,000 |
| 22 से 25 किलो | ₹30,000 |
| 25 किलो से ज़्यादा | ₹40,000 |
हरियाणा गाय (Hariana Cow)
| रोज़ाना दूध | इनाम राशि |
| 8 से 10 किलो | ₹15,000 |
| 10 से 12 किलो | ₹20,000 |
| 12 किलो से ज़्यादा | ₹25,000 |
साहीवाल गाय (Sahiwal Cow)
| रोज़ाना दूध | इनाम राशि |
| 10 से 12 किलो | ₹15,000 |
| 12 से 15 किलो | ₹20,000 |
| 15 किलो से ज़्यादा | ₹25,000 |
बेलाही गाय (Belahi Cow)
| रोज़ाना दूध | इनाम राशि |
| 5 से 8 किलो | ₹5,000 |
| 8 से 10 किलो | ₹10,000 |
| 10 किलो से ज़्यादा | ₹15,000 |
पैसा तुरंत नहीं मिलता। दूध रिकॉर्डिंग के 4 महीने बाद, जब वेटरनरी सर्जन यह कन्फर्म करे कि पशु अभी भी आपके पास है, तब Deputy Director आपके बैंक खाते में पैसे भेजेगा।
कौन आवेदन कर सकता है? (पात्रता)
- हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है
- उम्र 18 साल से ज़्यादा होनी चाहिए
- केवल व्यक्तिगत आवेदन — कोई कंपनी/ग्रुप/फर्म नहीं
- गाय/भैंस बच्चा देने के 5 से 90 दिनों के अंदर होनी चाहिए (आवेदन की तारीख तक)
- एक परिवार (Family ID) में अधिकतम 4 पशु रजिस्टर हो सकते हैं (एक साल में)
- अगर 4 से ज़्यादा पशु हैं तो रिकॉर्डिंग होगी पर इनाम केवल 4 के मिलेगा (सबसे ज़्यादा दूध देने वाले)
अगर आप किसी और जगह रहते हैं लेकिन पशु कहीं और रखे हैं, तो आवेदन वहीं का माना जाएगा जहाँ पशु रखे हैं (हरियाणा में ही)।
आवेदन कैसे करें? (पूरी प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप)

शर्तें और ज़िम्मेदारियाँ
- पशु और उसके नर बच्चे को 1 साल तक नहीं बेचना (हलफनामा देना होगा)
- सरकार के पास पहला हक होगा कि नर बच्चे (22-25 किलो+ वजन होने पर) को खरीदे
- पशु का बीमा करवाना होगा (अगर सरकारी बीमा योजना चल रही हो तो प्रीमियम शेयर होगा, वरना पूरा खुद भरना होगा)
- Artificial Insemination (AI) से ही ब्रीडिंग करनी होगी
- नियम तोड़ा तो पूरा पैसा वापस करना होगा और भविष्य में किसी भी सरकारी योजना से बाहर हो जाओगे
- एक भैंस/गाय पूरी जिंदगी में अधिकतम 3 बार इस योजना में रजिस्टर हो सकती है
बैंक और पैसे के बारे में
इस योजना में कोई लोन नहीं है — यह पूरी तरह नकद इनाम/अनुदान (Grant/Incentive) है। आपको कुछ चुकाना नहीं है।
पैसे सीधे आपके उस बैंक खाते में आएंगे जो आपने SARAL Portal पर दिया है। इसके लिए बैंक खाता Haryana का हो, Aadhaar से लिंक हो, और आपके नाम पर हो। किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक (SBI, PNB, Bank of Baroda आदि) या ग्रामीण बैंक का खाता चलेगा।
कोई ब्याज दर (Interest Rate) नहीं: यह कर्ज नहीं है — सरकार की तरफ से मुफ्त इनाम है। न कोई EMI, न कोई ब्याज।
टारगेट पूरा हो जाने पर भी आवेदन बंद नहीं होगा। कोई भी पात्र किसान सिर्फ इसलिए वंचित नहीं किया जाएगा क्योंकि “टारगेट पूरा हो गया”।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या पशु टैग होना जरूरी है?
हाँ, पशु का Ear Tag Number होना अनिवार्य है। आवेदन में यह नंबर देना पड़ेगा।
- क्या एक से ज़्यादा पशु पर आवेदन हो सकता है?
हाँ, एक Family ID से एक साल में अधिकतम 4 पशु (गाय/भैंस के किसी भी कॉम्बिनेशन में) रजिस्टर कर सकते हैं। इनाम केवल 4 को मिलेगा, रिकॉर्डिंग ज़्यादा की भी हो सकती है।
- क्या जर्सी/HF गाय के लिए यह योजना है?
नहीं। यह योजना सिर्फ देसी नस्ल की गायों (हरियाणा, साहीवाल, बेलाही) और मुर्रा भैंस के लिए है।
- क्या खुद नहीं आ सकते तो?
आवेदन करने के लिए नज़दीकी CSC (Common Service Centre), Antodaya Kendra, Atal Sewa Kendra, या e-Disha Centre जाएं — वो ऑनलाइन फॉर्म भर देंगे।
- पशु मर गया तो?
पशु का बीमा करवाना आपकी जिम्मेदारी है। बीमा है तो insurance claim मिलेगा। पर इनाम के लिए ज़रूरी है कि 4 महीने बाद Verification पर पशु मौजूद हो।
- ETT (Embryo Transfer Technology) क्या है?
अगर कोई किसान देसी गाय पर ETT तकनीक से प्रजनन करवाता है, तो पैदा होने वाले बछड़े पर ₹10,000 अलग से मिलेंगे। यह CM Budget Announcement 2022-23 के तहत है।



