जन्म से दूध तक गाय बछड़े की देखभाल

जन्म से दूध तक गाय‑बछड़े की देखभाल

जन्म से दूध तक गाय बछड़े की देखभालक्यों जरुरी

जन्म से दूध तक गाय‑बछड़े की देखभाल

यह लेख छोटे किसानों के लिए है, जिनके पास 1 या 2 गायें हैं। इसमें बछड़े के जन्म से लेकर बछिया के गर्भधारण तक का पूरा पोषण क्रम सरल भाषा में दिया गया है। NDDB और कृषि विश्वविद्यालयों की सिफारिश के अनुसार बछड़े को जन्म के तुरंत बाद खीस, फिर दूध या दूध-प्रतिस्थापक, फिर बछड़ा दाना, अच्छी सूखी घास, हरा चारा, खनिज मिश्रण और साफ पानी देना चाहिए।

अगर बछड़े को शुरू से अच्छा चारा और दूध मिले, तो वह जल्दी बढ़ता है, कम बीमार पड़ता है, और समय पर गर्भधारण करता है। इससे दवा का खर्च कम होता है, दूध उत्पादन बेहतर होता है, और किसान को आर्थिक लाभ मिलता है। खराब पोषण से बछिया देर से परिपक्व होती है और उसकी पूरी जीवन उत्पादन क्षमता घट सकती है।

जन्म के बाद पहली खुराक: खीस

खीस को हिंदी में खीस या पहला दूध कहते हैं। यह सामान्य दूध नहीं है; इसमें रोगों से बचाने वाली शक्ति और जीवन की शुरुआत के लिए जरूरी पोषण होता है। बछड़े को जन्म के आधे घंटे के अंदर खीस देनी चाहिए।

कितनी खीस देनी चाहिए

  • 30 किलो के बछड़े को पहली बार में 2 लीटर खीस दें।
  • पहले दिन में कुल लगभग 3 लीटर खीस दें, दो या तीन बार में।

उदाहरण

अगर बछड़ा सुबह पैदा हुआ:

  • सुबह: 2 लीटर खीस
  • दोपहर: 1 लीटर खीस
  • रात: 1 लीटर खीस, अगर जरूरत हो

क्यों देना चाहिए

खीस बछड़े की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बनाती है। अगर खीस देर से दी गई, तो बछड़ा कमजोर रह सकता है, दस्त हो सकते हैं, और आगे विकास धीमा  हो सकती है।जन्म से दूध तक गाय‑बछड़े की देखभाल

अगर खीस उपलब्ध न हो

कभी-कभी मां की खीस नहीं मिलती। ऐसे में सबसे अच्छा उपाय है किसी स्वस्थ गाय की जमी हुई खीस का उपयोग करना। अगर वह भी न हो, तो आप एक अस्थायी घरेलू मिश्रण दे सकते हैं।जन्म से दूध तक गाय‑बछड़े की देखभाल

घरेलू आपात मिश्रण

  • गर्म साफ दूध: 1 लीटर
  • अंडे: 2 पूरे
  • तेल या घी: 20–30 मिलीलीटर
  • नमक: एक छोटी चुटकी

कैसे दें

इसे अच्छी तरह मिलाकर गुनगुना दें। यह सिर्फ 1–2 खुराक के लिए है।

क्यों दें

इससे बछड़े को थोड़ी ऊर्जा और पोषण मिलता है जब असली खीस उपलब्ध न हो।

2 दिन से 2 हफ्ते तक: दूध का समय

इस समय तक बछड़ा मुख्य रूप से दूध पर निर्भर रहता है। NDDB के अनुसार शुरुआती दिनों में डेढ़ से दो किलो और फिर धीरे-धीरे एक से डेढ़ किलो दूध दिया जा सकता है।जन्म से दूध तक गाय‑बछड़े की देखभाल

कितना दूध दें

  • सुबह: 1 लीटर
  • शाम: 1 लीटर

क्यों दें

दूध आसानी से पचता है और बछड़े को आराम से बढ़ने में मदद करता है।

2 हफ्ते से 2 महीने तक: बछड़ा दाना शुरू करें

जन्म के दूसरे हफ्ते से बछड़ा दाना देना शुरू करें। यह बछड़े के पेट को चारा पचाने के लिए तैयार करता है। शुरुआत 50 से 100 ग्राम रोज से करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं।

बछड़ा दाना क्या है

यह एक खास अनाज मिश्रण है जो छोटे बछड़ों के लिए बनाया जाता है।

बछड़ा दाना के घटक

मक्का दाना
गेहूं का छिलका
सोयाबीन से निकली खली
मूंगफली की खली
गन्ने का शीरा
खनिज मिश्रण
नमक

आसान 10 किलो मिश्रण

  • मक्का: 5 किलो
  • गेहूं चोकर: 2 किलो
  • सोयाबीन खली या मूंगफली की खली: 2 किलो
  • शीरा: 500 ग्राम
  • खनिज मिश्रण: 300 ग्राम
  • नमक: 200 ग्राम

कितना दें

  • दूसरे हफ्ते में: 50–100 ग्राम रोज
  • एक महीने में: 200–250 ग्राम रोज
  • दो महीने में: 400–700 ग्राम रोज

क्यों दें

बछड़ा दाना पेट के भीतर रूमन को विकसित करता है। रूमन बन गया तो आगे चलकर चारा पचाना आसान हो जाता है।

सूखी घास और हरा चारा

अच्छी सूखी घास और हरा चारा धीरे-धीरे देना चाहिए। हरा चारा तीसरे सप्ताह से शुरू किया जा सकता है।

सूखी घास क्या है

सूखी घास यानी सूखा चारा जो पशु को चबाने और पाचन में मदद करता है।

सूखी घास के उदाहरण

  • लूसर्न की सूखी घास
  • बरसीम की सूखी घास
  • कटी हुई गेहूं की भूसी
  • अच्छी सूखी घास

हरे चारे के उदाहरण

  • मक्का चारा
  • ज्वार / चरी
  • बाजरा
  • बरसीम
  • लूसर्न / रिजका
  • लोबिया
  • नेपियर घास

कितना दें

  • तीसरे सप्ताह में: लगभग 750 ग्राम रोज
  • चौथे सप्ताह में: लगभग 1.25 किलो रोज
  • छठे सप्ताह में: लगभग 2.5 किलो रोज

क्यों दें

सूखी घास चबाने की आदत बनाती है और हरा चारा विटामिन, नमी, और पोषण देता है।

2 महीने से 6 महीने तक: शरीर बनाने का समय

इस समय बछड़े का शरीर, हड्डियाँ और मांसपेशियाँ बनती हैं। इसलिए उसे अच्छा मिश्रित चारा देना चाहिए।

रोज की खुराक

  • बछड़ा दाना: 500 ग्राम से 1 किलो
  • हरा चारा: 1 से 3 किलो, फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं
  • सूखी घास: 500 ग्राम से 1 किलो
  • पानी: हमेशा उपलब्ध
  • खनिज मिश्रण: रोज थोड़ा

उदाहरण

सुबह:

  • 250 ग्राम बछड़ा दाना
  • थोड़ा हरा चारा

शाम:

  • 250 ग्राम बछड़ा दाना
  • थोड़ा सूखा चारा

क्यों दें

यह अवस्था आगे की प्रजनन क्षमता की नींव रखती है। यदि इस समय पशु को सही पोषण और देखभाल दी जाए तो उसका शरीर मज़बूत बनेगा, समय पर हीट में आएगा और गर्भधारण भी आसानी से होगा।

6 महीने से 12 महीने तक: वृद्धि का चरण

इस अवस्था में पशु  को मजबूत, लंबा और स्वस्थ बनाना है। बहुत मोटी भी नहीं और बहुत पतली भी नहीं।

रोज की खुराक

  • हरा चारा: 5 से 8 किलो
  • सूखा चारा: 1.5 से 2 किलो
  • दाना: 1 से 1.2 किलो
  • खनिज मिश्रण: 25 से 30 ग्राम
  • नमक: थोड़ा

क्यों दें

यह समय  शरीर का ढांचा बनाती है। अगर यहां चूक हुई, तो आगे गर्भधारण और दूध उत्पादन प्रभावित होगा।

12 महीने से गर्भधारण की उम्र तक

अब पशु  को प्रजनन के लिए तैयार करना है।

रोज की खुराक

  • हरा चारा: 8 से 12 किलो
  • सूखा चारा: 2 से 3 किलो
  • दाना: 1.5 से 2 किलो
  • खनिज मिश्रण: 30 से 50 ग्राम
  • नमक: थोड़ा

क्यों दें

इस समय सही वजन और सही शरीर स्थिति जरूरी है ताकि गर्मी मैं  आए और गर्भधारण अच्छा हो।

गर्भधारण के लिए सही वजन

गर्भधारण तब कराएं जब पशु  अपने सही वजन पर हो।

गाय के लिए

  • छोटी देसी गाय: 200 से 250 किलो
  • मध्यम दुधारू गाय: 250 से 300 किलो
  • बड़ी दुधारू गाय: 320 से 350 किलो

क्यों जरूरी है

बहुत हल्की पशु जल्दी गर्भधारण नहीं करती। बहुत मोटी पशु में भी समस्या आ सकती है। सही वजन सबसे अच्छा होता है।

गर्भावस्था में पोषण

गर्भ के दौरान भी सही आहार चाहिए।

शुरुआती गर्भावस्था

  • हरा चारा: 8 से 10 किलो
  • सूखा चारा: 2 से 3 किलो
  • दाना: 1 से 1.5 किलो
  • खनिज मिश्रण: 30 ग्राम

आखिरी 2 से 3 महीने

  • हरा चारा: 10 से 12 किलो
  • सूखा चारा: 2 से 3 किलो
  • दाना: 1.5 से 2 किलो
  • खनिज मिश्रण: 30 से 50 ग्राम

क्यों दें

अंतिम समए  में भ्रूण तेजी से बढ़ता है, इसलिए चारा  बढ़ाना  पड़ता  है।

घरेलू हर्बल सुझाव

ये केवल सहायक उपाय हैं। मुख्य चारे  की जगह नहीं ले सकते।

घरेलू सामग्री

हिंदीउपयोग
अजवाइनगैस और पाचन
जीराभूख और पाचन
हल्दीसंक्रमण सहायता
नीम पत्तीबाहरी परजीवी सहायता
आंवलाताकत
सौंफपाचन
गुड़ऊर्जा

उदाहरण

  • अजवाइन और जीरा बहुत कम मात्रा में चारे  में मिलाएं।
  • हल्दी बहुत छोटी मात्रा में दें।
  • कम  जुगाली पशु में थोड़ा गुड़ दिया जा सकता है।

क्यों दें

इनसे पाचनक्रिया  में मदद मिल सकती है और छोटे घरेलू खर्च कम हो सकते हैं।

खनिज मिश्रण का महत्व

खनिज बहुत कम मात्रा में चाहिए, लेकिन असर बहुत बड़ा होता है।

क्यों दें

खनिज की कमी से शारीरिक विकास धीमा , गर्मी के  कमजोर लछन , और प्रजनन क्षमता खराब हो सकती है।

किसान के लिए संक्षिप्त तालिका

चरणचारा मात्राक्यों दें
जन्मखीस/पहला दूध2 लीटर पहली खुराकरोगों से बचाव
2 दिन से 2 हफ्तेदूधदिन में 2 बार 1-1 लीटरआसान शारीरिक विकास
2 हफ्ते सेबछड़ा दाना/ दाना मिश्रण50–100 ग्राम से शुरूरूमन विकास
3 हफ्ते सेहरा चाराथोड़ा-थोड़ा बढ़ाकरविटामिन और नमी
शुरुआती calf stageसूखी घास/चाराछोटे-छोटे मात्राचबाने और पाचन
2 से 6 महीनेचारा + दाना मिश्रित आहार5–8 किलो चारा + 500 ग्राम–1 किलो दानाशरीर निर्माण
6 से 12 महीनेसंतुलित आहार1–2 किलो दाना + चाराढांचा बनाना
गर्भधारण आयुप्रजनन तैयारी/संतुलित आहारशरीर वजन के अनुसारगर्भधारण
गर्भावस्थागर्भावस्थाआखिरी 3 महीने ज्यादाभ्रूण वृद्धि

अंतिम संदेश

अगर बछड़े को शुरू से खीस, दूध, बछड़ा दाना, सूखी घास, हरा चारा, दाना और खनिज समय पर मिलते रहें, तो वह मजबूत बछिया बनेगा, समय पर गर्भधारण करेगा, और आगे अच्छा दूध देगा। सही पोषण ही किसान की सबसे बड़ी बचत है।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top